K Kishore

Illustration showing the Migdal Effect where a neutron strike ejects an electron from an atom, improving dark matter detection research.

मिग्डाल इफेक्ट (Migdal effect): 87 साल बाद भौतिकी का रहस्य सुलझा, डार्क मैटर खोज में नई क्रांति

मिग्डाल इफेक्ट (Migdal effect): 87 साल बाद भौतिकी का रहस्य सुलझा, डार्क मैटर खोज में नई क्रांति Read More »

सदी से भी अधिक समय तक मिग्डाल इफेक्ट (Migdal effect) केवल एक सैद्धांतिक अनुमान था। यह एक ऐसा क्वांटम घटना था जिसे भौतिकी के समीकरणों में देखा गया था, लेकिन वास्तविक जीवन में इसका कोई प्रमाण नहीं था। 15 जनवरी 2026 को Nature पत्रिका में प्रकाशित एक महत्वपूर्ण अध्ययन ने इस लंबे समय तक प्रतीक्षित […]

समुद्र में पिस्टल श्रिम्प अपने बड़े पंजे से कैविटेशन बबल बनाते हुए, जिससे शॉकवेव और प्रकाश उत्पन्न होता है

🦐पिस्टल श्रिम्प क्या है? समुद्र का वह छोटा जीव जो सूरज जैसी ताकत पैदा करता है

🦐पिस्टल श्रिम्प क्या है? समुद्र का वह छोटा जीव जो सूरज जैसी ताकत पैदा करता है Read More »

पिस्टल श्रिम्प: समुद्र की गहराइयाँ केवल पानी और मछलियों से भरी नहीं हैं। यहाँ ऐसे जीव रहते हैं जिनकी क्षमताएँ विज्ञान को भी हैरान कर देती हैं। इन्हीं रहस्यमयी जीवों में से एक है पिस्टल श्रिम्प। आकार में यह इतना छोटा होता है कि पहली नज़र में कोई इसे साधारण झींगा समझ सकता है, लेकिन

NASA का आर्टेमिस II मिशन जिसमें Orion spacecraft चंद्रमा की परिक्रमा कर रहा है

🚀 आर्टेमिस II मिशन (Artemis II Mission): 50 वर्षों बाद चंद्रमा की ओर मानवता की ऐतिहासिक वापसी

🚀 आर्टेमिस II मिशन (Artemis II Mission): 50 वर्षों बाद चंद्रमा की ओर मानवता की ऐतिहासिक वापसी Read More »

🌕 एक नई अंतरिक्ष क्रांति की शुरुआत-आर्टेमिस II मिशन मानव इतिहास में चंद्रमा का विशेष स्थान रहा है। 1969 में जब अपोलो 11 मिशन के तहत नील आर्मस्ट्रॉन्ग ने चंद्रमा की सतह पर पहला कदम रखा, तब पूरी दुनिया ने एक नए युग की शुरुआत देखी। इसके बाद 1972 में अपोलो 17 के साथ चंद्रमा

सोलर पैनल और स्मार्ट होम दिखाता चित्र, जो बिना बिजली बिल वाले घर का प्रतिनिधित्व करता है

क्या भविष्य में घर बिना बिजली बिल के चलेंगे?

क्या भविष्य में घर बिना बिजली बिल के चलेंगे? Read More »

क्या भविष्य में घर बिना बिजली बिल के चलेंगे? विज्ञान, तकनीक और ऊर्जा स्वतंत्रता की पूरी कहानी आज के समय में बिजली हमारे जीवन की रीढ़ बन चुकी है। सुबह अलार्म से लेकर रात को मोबाइल चार्ज करने तक—हर काम बिजली पर निर्भर है। लेकिन जैसे-जैसे हमारी निर्भरता बढ़ती जा रही है, वैसे-वैसे बिजली का

सोलर पैनल कैसे काम करते हैं: गोल और फ्लैट सोलर सेल की तुलना दिखाता आधुनिक सौर ऊर्जा तकनीक का चित्र

🔬सोलर पैनल कैसे काम करते हैं? फ्लैट Vs गोल (Spherical) सोलर सेल

🔬सोलर पैनल कैसे काम करते हैं? फ्लैट Vs गोल (Spherical) सोलर सेल Read More »

आज की दुनिया में सौर ऊर्जा केवल एक वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत नहीं रही, बल्कि यह भविष्य की अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है। बढ़ते बिजली बिल, जलवायु परिवर्तन और जीवाश्म ईंधन की सीमित उपलब्धता ने मानव को सूर्य की ओर देखने के लिए मजबूर कर दिया है। लेकिन सौर ऊर्जा को समझने के लिए सबसे पहले

जापान की Kyosemi Sphelar गोल सोलर सेल तकनीक का चित्र, जो हर दिशा से सूर्य की रोशनी ग्रहण करती है

☀️🔵 फ्लैट सोलर पैनल को अलविदा? जापान की गोल सोलर (Sphelar) सेल तकनीक और ऊर्जा का भविष्य

☀️🔵 फ्लैट सोलर पैनल को अलविदा? जापान की गोल सोलर (Sphelar) सेल तकनीक और ऊर्जा का भविष्य Read More »

सौर ऊर्जा (Solar Energy) को लंबे समय से स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा का भविष्य माना जाता रहा है। पिछले 140 वर्षों से हमने सौर पैनलों को लगभग एक ही रूप में देखा है — बड़े, आयताकार और पूरी तरह फ्लैट (समतल) पैनल। चाहे छत पर लगे हों, खेतों में फैले सोलर पार्क हों या अंतरिक्ष

इंसान से 30 गुना ज्यादा DNA वाली मछली — दक्षिण अमेरिकी लंगफिश (Lepidosiren paradoxa) का डिजिटल चित्र, जिसके पीछे चमकती DNA संरचना दिखाई दे रही है, जो इसके विशाल जीनोम और विकासवादी रहस्य को दर्शाती है।

🐟 इंसान से 30 गुना ज्यादा DNA वाली मछली – लंगफिश — Evolution ने ऐसा क्यों किया?

🐟 इंसान से 30 गुना ज्यादा DNA वाली मछली – लंगफिश — Evolution ने ऐसा क्यों किया? Read More »

इंसान से 30 गुना ज्यादा DNA वाली मछली: मनुष्य ने हमेशा खुद को प्रकृति की सबसे जटिल और उन्नत रचना माना है। हमारा दिमाग, हमारी भाषा, हमारी तकनीक और हमारा DNA — सब कुछ हमें विशेष होने का एहसास कराता है। लेकिन विज्ञान बार‑बार यह दिखाता रहा है कि प्रकृति हमारी धारणाओं को तोड़ने में

Big Bang के बाद ब्रह्मांड में ऊर्जा से पदार्थ का जन्म, क्वार्क और परमाणुओं के निर्माण के साथ तारों और आकाशगंगाओं का दृश्य

🌌 ब्रह्मांड शून्य से पदार्थ कैसे बनाता है? ऊर्जा से पदार्थ का निर्माण

🌌 ब्रह्मांड शून्य से पदार्थ कैसे बनाता है? ऊर्जा से पदार्थ का निर्माण Read More »

क्या सच में “कुछ नहीं” से “सब कुछ” पैदा हुआ? ऊर्जा से पदार्थ का निर्माण: जब भी कोई व्यक्ति यह सुनता है कि ब्रह्मांड ने शून्य से पदार्थ बना लिया, तो सबसे पहली प्रतिक्रिया अविश्वास की होती है। हमारी रोज़मर्रा की सोच हमें सिखाती है कि बिना किसी कारण के कुछ भी नहीं हो सकता।

Translate »