ब्रह्मांड का रहस्यमयी शॉर्टकट: क्या आपने कभी सोचा है कि अगर ब्रह्मांड में कोई ऐसा दरवाज़ा मिल जाए, जो हमें तुरंत लाखों प्रकाश-वर्ष दूर ले जाए?
क्या ऐसा संभव है कि हम एक जगह से दूसरी जगह बिना रॉकेट के, बिना वर्षों का सफर तय किए, सीधे एक “शॉर्टकट” से पहुँच जाएँ?
इसी रहस्य का नाम है – वॉर्महोल (Wormhole)।
यह ब्रह्मांड के सबसे आकर्षक और रहस्यमयी कॉन्सेप्ट्स में से एक है। वैज्ञानिक, दार्शनिक और विज्ञान-फंतासी लेखक दशकों से इसके बारे में सोचते और लिखते आए हैं।
ब्रह्मांड के रहस्यों को जानने की जिज्ञासा मनुष्य को हमेशा रही है। जब विज्ञान और कल्पना आपस में मिलते हैं, तो ऐसे अद्भुत विचार जन्म लेते हैं जैसे – वॉर्महोल और समय यात्रा (Time Travel)। आपने शायद फिल्मों में देखा होगा कि कोई व्यक्ति एक दरवाज़े से निकलकर लाखों प्रकाश वर्ष दूर पहुँच जाता है या अतीत और भविष्य में यात्रा करता है।

🌌 वॉर्महोल क्या होते हैं?
इन्हे हिंदी में कृमि-छिद्र कहा जाता है। यह एक काल्पनिक या सैद्धांतिक सुरंग होती है जो ब्रह्मांड के दो दूरस्थ स्थानों को आपस में जोड़ सकती है। एक तरह से समझें तो यह ब्रह्मांड के दो बिंदुओं के बीच “शॉर्टकट” जैसा रास्ता होता है।
उदाहरण के लिए:
कल्पना कीजिए कि आपके पास एक कागज़ है, जिसमें दो बिंदु हैं — A और B। सामान्यतः A से B तक सीधा रास्ता खींचना पड़ेगा, जो समय लेगा। लेकिन अगर आप कागज़ को मोड़ दें और A तथा B को मिलाकर एक पिन से छेद कर दें, तो आप एक “वॉर्महोल” बना लेंगे — एक अल्पतम दूरी वाला मार्ग।
🌀 वॉर्महोल के प्रकार (Types of Wormholes)
यह पूरी तरह काल्पनिक हैं, लेकिन आइंस्टीन की सापेक्षता की थ्योरी और आधुनिक भौतिकी के आधार पर वैज्ञानिकों ने इन्हें कई प्रकारों में बांटा है।
1. ट्रैवर्सेबल वॉर्महोल (Traversable Wormhole)
👉 यह सबसे रोचक प्रकार है क्योंकि इसमें कोई वस्तु या अंतरिक्षयान प्रवेश करके दूसरी जगह निकल सकता है।
- ऐसे वॉर्महोल “शॉर्टकट” की तरह काम करेंगे।
- Interstellar जैसी फिल्मों में यही दिखाया गया है।
- इन्हें स्थिर रखने के लिए Exotic Matter (Negative Energy) की ज़रूरत होगी।
🔹 उपयोग:
- अंतरतारकीय (Interstellar) यात्रा
- ब्रह्मांड के दो हिस्सों को जोड़ना
- संभवतः समय यात्रा
2. नॉन-ट्रैवर्सेबल वॉर्महोल (Non-Traversable Wormhole)
👉 इस प्रकार के वॉर्महोल में आप प्रवेश तो कर सकते हैं, लेकिन तुरंत ध्वस्त हो जाने के कारण आप बाहर नहीं निकल सकते।
- इन्हें “Einstein-Rosen Bridge” भी कहते हैं।
- ब्लैक होल और व्हाइट होल को जोड़ने वाले मॉडल से इनकी कल्पना की जाती है।
🔹 समस्या:
- ये बहुत अस्थिर होते हैं।
- इनके माध्यम से यात्रा संभव नहीं है।
3. लॉरेंशियन वॉर्महोल (Lorentzian Wormhole)
👉 यह आइंस्टीन की सापेक्षता समीकरणों से निकला एक सैद्धांतिक मॉडल है।
- इन्हें “Schwarzschild Wormholes” भी कहा जाता है।
- ये आमतौर पर Non-Traversable होते हैं।
- अगर Exotic Matter हो तो इन्हें Traversable बनाया जा सकता है।
4. यूक्लिडियन वॉर्महोल (Euclidean Wormhole)
👉 यह क्वांटम स्तर (Quantum Level) पर ब्रह्मांड की संरचना से जुड़े मॉडल हैं।
- बहुत सूक्ष्म स्तर (Planck Scale) पर बन सकते हैं।
- क्वांटम फिज़िक्स में “स्पेस-टाइम फोम” (Space-Time Foam) नामक अवधारणा से जुड़े हैं।
🔹 विशेषता:
- ये बेहद छोटे होते हैं।
- व्यावहारिक यात्रा के लिए उपयोगी नहीं।
5. विशिष्ट पदार्थ से बने स्थिर वॉर्महोल (Traversable Lorentzian Wormhole with Exotic Matter)
👉 यह खास प्रकार है जिसमें Exotic Matter का उपयोग करके वॉर्महोल को खुला और स्थिर रखा जा सकता है।
- Exotic Matter की “Negative Energy Density” गुरुत्वाकर्षण के खिंचाव को रोक सकती है।
- अगर ऐसा पदार्थ मिले, तो सैद्धांतिक रूप से इंसान वॉर्महोल से गुजर सकता है।
6. क्वांटम वॉर्महोल (Quantum Wormhole / Planck-Scale Wormhole)
👉 ये बहुत ही छोटे (10^-35 मीटर स्तर) के वॉर्महोल होते हैं।
- ये केवल क्वांटम उतार-चढ़ाव के कारण क्षणिक रूप से बनते और नष्ट हो जाते हैं।
- Stephen Hawking और John Wheeler जैसे वैज्ञानिकों ने इनके बारे में विचार किया।
🔹 उपयोग:
- शायद भविष्य में क्वांटम कंप्यूटिंग या “क्वांटम टेलीपोर्टेशन” में कोई भूमिका निभा सकें।
- लेकिन यात्रा के लिए नहीं।
7. व्हाइट होल से जुड़े वॉर्महोल (White Hole Connected Wormhole)
👉 कुछ वैज्ञानिक मानते हैं कि ब्लैक होल (जो सब कुछ निगलता है) और व्हाइट होल (जो सब कुछ बाहर फेंकता है) आपस में जुड़े हो सकते हैं।
- अगर ऐसा हो, तो ब्लैक होल के अंदर गिरने वाली वस्तु व्हाइट होल से निकल सकती है।
- यह अवधारणा अभी पूरी तरह सैद्धांतिक है।
🔹 वॉर्महोल प्रकारों की तुलना (Comparison of Wormhole Types)
| प्रकार | विशेषता | यात्रा संभव? | स्थिरता |
|---|---|---|---|
| Traversable | पार होकर दूसरी जगह निकल सकते हैं | हाँ (अगर Exotic Matter हो) | सैद्धांतिक |
| Non-Traversable | तुरंत ध्वस्त हो जाते हैं | नहीं | अस्थिर |
| Lorentzian | आइंस्टीन की समीकरण से निकला मॉडल | नहीं/संभव (Exotic Matter से) | कमजोर |
| Euclidean | क्वांटम स्तर पर | नहीं | सूक्ष्म और अस्थिर |
| Quantum | बहुत छोटे, क्षणिक | नहीं | बेहद अस्थिर |
| White Hole Connected | ब्लैक होल + व्हाइट होल का मॉडल | संभवतः हाँ | केवल थ्योरी |
🧪 क्या हम कृत्रिम वॉर्महोल बना सकते हैं?
यह प्रश्न आज के भौतिक विज्ञान का सबसे बड़ा रहस्य है। आइंस्टीन की सापेक्षता की सामान्य सिद्धांत (General Theory of Relativity) के अनुसार, वॉर्महोल सैद्धांतिक रूप से संभव हैं। परंतु इन्हें वास्तव में बनाना या स्थिर रखना अभी भी विज्ञान के लिए सबसे कठिन चुनौती है।
🔹 एक्सोटिक मैटर की ज़रूरत
वैज्ञानिक मानते हैं कि यदि हमारे पास एक्सोटिक मैटर (Exotic Matter) की पर्याप्त मात्रा हो — यानी ऐसा पदार्थ जिसकी ऊर्जा घनत्व (Energy Density) नकारात्मक हो — तो हम एक वॉर्महोल को खुला और स्थिर रख सकते हैं।
- सामान्य पदार्थ (Ordinary Matter) वॉर्महोल को स्थिर नहीं रख सकता, क्योंकि उसका गुरुत्वाकर्षण खिंचाव इसे तुरंत ध्वस्त कर देगा।
- लेकिन एक्सोटिक मैटर की नकारात्मक ऊर्जा ठीक उल्टा प्रभाव डालती है, यानी यह स्पेस-टाइम को धकेल कर खुला रख सकती है।
- यही कारण है कि वॉर्महोल बनाने की सैद्धांतिक संभावना केवल इसी पदार्थ पर टिकी हुई है।
🔹 नेगेटिव ऊर्जा (Negative Energy) क्या है?
नेगेटिव ऊर्जा एक ऐसी अवधारणा है जिसमें ऊर्जा का मान सामान्य पदार्थ के विपरीत होता है।
- इसे हम क्वांटम उतार-चढ़ाव (Quantum Fluctuations) या कैसिमिर प्रभाव (Casimir Effect) में देख सकते हैं।
- कैसिमिर प्रभाव में दो प्लेटों के बीच क्वांटम निर्वात (Vacuum) में नकारात्मक ऊर्जा जैसी स्थिति पैदा होती है।
- यही विचार वैज्ञानिकों को वॉर्महोल की स्थिरता से जोड़ता है।
🔹 क्या भविष्य में कृत्रिम वॉर्महोल संभव है?
- सैद्धांतिक स्तर पर – समीकरण बताते हैं कि हाँ, अगर एक्सोटिक मैटर मिल जाए।
- व्यावहारिक स्तर पर –
- अभी तक हमारे पास इतनी तकनीक नहीं है कि हम नकारात्मक ऊर्जा की बड़ी मात्रा उत्पन्न कर सकें।
- क्वांटम फिजिक्स हमें केवल छोटे स्तर पर संकेत देती है, पर वॉर्महोल बनाने के लिए खगोलीय मात्रा चाहिए।
- चुनौतियाँ –
- इसे बनाते समय उसकी स्थिरता बनाए रखना।
- इतनी अधिक ऊर्जा कहाँ से आएगी?
- अगर बन भी गया, तो उसमें प्रवेश करने पर वह ध्वस्त न हो जाए।
🔹 क्या यह सिर्फ कल्पना है या वास्तविकता बन सकती है?
- आज यह विचार विज्ञान और कल्पना (Science & Imagination) के बीच की सीमा पर खड़ा है।
- विज्ञान-कथा (Sci-Fi) में हमने इसे फिल्मों और किताबों में खूब देखा है, लेकिन वास्तविक प्रयोगशाला में इसे बनाना अभी असंभव है।
- फिर भी, जैसे-जैसे हमारी समझ क्वांटम फिजिक्स और ब्रह्मांड की संरचना को लेकर गहरी होती जा रही है, भविष्य में कृत्रिम वॉर्महोल बनाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
👉 यानी, यह अभी सिर्फ एक सपना है, लेकिन यह सपना विज्ञान की दुनिया को लगातार प्रेरित कर रहा है।
🧲 क्या Large Hadron Collider (LHC) वॉर्महोल और समय यात्रा की खोज में मदद कर सकता है?
Large Hadron Collider (LHC) एक अत्याधुनिक कण त्वरक है, जो ब्रह्मांड के सबसे सूक्ष्म कणों की टक्कर से उत्पन्न ऊर्जा और स्थिति का अध्ययन करता है। वैज्ञानिक इसे ब्रह्मांड की प्रारंभिक स्थितियों और स्पेस-टाइम की गहराइयों को समझने के लिए प्रयोग करते हैं।
हालांकि अभी तक वॉर्महोल का कोई प्रत्यक्ष वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है, लेकिन LHC जैसे शक्तिशाली यंत्रों के माध्यम से वॉर्महोल सिद्धांत, ब्लैक होल संरचना, और समय यात्रा की संभावना पर प्रयोग जारी हैं। यह भविष्य में ऐसी संरचनाओं को सिद्ध करने की दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है।
🌌 वैज्ञानिक आधार
वॉर्महोल की कल्पना आइंस्टीन की General Theory of Relativity (सामान्य सापेक्षता का सिद्धांत, 1915) से निकलती है।
आइंस्टीन ने बताया कि स्पेस और टाइम (Space-Time) एक लचीला ढांचा है। अगर कोई विशाल द्रव्यमान (Mass) मौजूद हो, तो वह इस ढांचे को मोड़ देता है।
🔸 अब सोचिए, अगर इस स्पेस-टाइम को इतना मोड़ा जाए कि दो अलग-अलग बिंदु आपस में जुड़ जाएँ, तो उनके बीच एक “टनल” या “पुल” बन सकता है।
यही है Einstein-Rosen Bridge, जिसे बाद में वॉर्महोल नाम दिया गया।
🧩 प्रमुख वैज्ञानिकों की राय
वॉर्महोल की अवधारणा ने कई महान वैज्ञानिकों की कल्पना और शोध को प्रभावित किया है। अलग-अलग वैज्ञानिकों ने इसके अस्तित्व, स्थिरता और समय यात्रा से जुड़े पहलुओं पर अपनी-अपनी राय दी है।
👨🔬 अल्बर्ट आइंस्टीन (Albert Einstein)
- वॉर्महोल का मूल विचार आइंस्टीन और नाथन रोज़ेन ने प्रस्तुत किया, जिसे Einstein-Rosen Bridge कहा जाता है।
- उन्होंने इसे ब्लैक होल की भौतिकी से जोड़ा और दिखाया कि स्पेस-टाइम में “पुल” जैसी संरचना सैद्धांतिक रूप से संभव है।
- हालांकि, यह पुल अपारगम्य (Non-Traversable) था, यानी इसके माध्यम से यात्रा करना संभव नहीं था।
👨🔬 स्टीफन हॉकिंग (Stephen Hawking)
- हॉकिंग वॉर्महोल और समय यात्रा की अवधारणा को लेकर हमेशा सतर्क रहे।
- उन्होंने “Chronology Protection Conjecture” प्रस्तावित किया, जिसके अनुसार प्रकृति ऐसे नियम लागू करती है जिससे समय यात्रा असंभव हो जाती है।
- उनका मानना था कि अगर समय यात्रा संभव हो, तो यह ब्रह्मांड में पैराडॉक्स (विरोधाभास) पैदा करेगी।
👨🔬 किप थोर्न (Kip Thorne)
- किप थोर्न ने वॉर्महोल पर गहन गणितीय कार्य किया और यह संभावना जताई कि Traversable Wormholes (पारगम्य वॉर्महोल) Exotic Matter की मदद से स्थिर हो सकते हैं।
- वे हॉलीवुड फिल्म Interstellar के लिए वैज्ञानिक सलाहकार भी थे।
- इस फिल्म में वॉर्महोल को वैज्ञानिक रूप से सबसे यथार्थवादी रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसका श्रेय काफी हद तक उनके शोध को जाता है।
👉 इन महान वैज्ञानिकों की राय बताती है कि वॉर्महोल अभी भी रहस्य बने हुए हैं, लेकिन ये रहस्य ही हमारी वैज्ञानिक यात्रा को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देते हैं।
🌌 क्या वॉर्महोल वास्तव में मौजूद हैं?
अब तक कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं है कि वॉर्महोल वास्तव में मौजूद हैं। यह पूरी तरह एक सैद्धांतिक संरचना है। लेकिन कई वैज्ञानिक इस दिशा में शोध कर रहे हैं। Stephen Hawking, Kip Thorne जैसे वैज्ञानिकों ने इस पर कई पेपर्स लिखे हैं।
हालांकि, कुछ खगोलविदों का मानना है कि ब्लैक होल और वाइट होल के सिद्धांतों को जोड़कर वॉर्महोल की संभावना को समझा जा सकता है।
🌌 वॉर्महोल और समय यात्रा का संबंध
अब आते हैं सबसे रोचक प्रश्न पर — क्या वॉर्महोल से समय यात्रा संभव है?
1. भविष्य में यात्रा (Time Travel to the Future)
Einstein के सापेक्षता सिद्धांत के अनुसार, यदि आप प्रकाश की गति के बहुत पास यात्रा करें, तो समय आपके लिए धीमा हो जाएगा जबकि अन्य लोगों के लिए सामान्य रहेगा। यह वैज्ञानिक रूप से सिद्ध है।
वॉर्महोल, यदि बन सके और स्थिर रखा जा सके, तो यह समय के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में जाने का माध्यम बन सकता है।
2. भूतकाल में यात्रा (Time Travel to the Past)
यह अधिक जटिल और विवादास्पद है। वैज्ञानिकों की राय है कि वॉर्महोल से पीछे यात्रा करना संभावित है, लेकिन इसके लिए असंभव मात्रा में नेगेटिव एनर्जी की आवश्यकता होगी।
🌌 वॉर्महोल के अस्तित्व की समस्याएं
वॉर्महोल का विचार जितना रोचक है, उतना ही जटिल भी है। वैज्ञानिक मानते हैं कि इसके सामने कई गंभीर चुनौतियाँ हैं, जिनका हल आज तक नहीं मिला है।
1. स्थिरता की समस्या
- अब तक जितने भी गणितीय मॉडल और समीकरण बनाए गए हैं, उनके अनुसार वॉर्महोल बहुत अस्थिर होते हैं।
- वे सामान्य पदार्थ और गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में क्षण भर में बंद हो जाते हैं।
- यानी, अगर वॉर्महोल बने भी, तो उसमें यात्रा करने से पहले ही वह ध्वस्त हो सकता है।
2. नकारात्मक ऊर्जा (Exotic Matter) की कमी
- वॉर्महोल को खुला और स्थिर रखने के लिए नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) या एक्ज़ॉटिक मैटर (Exotic Matter) की आवश्यकता होती है।
- यह ऐसा पदार्थ है, जो गुरुत्वाकर्षण को खींचने के बजाय धकेलता है।
- लेकिन अब तक इसका कोई व्यावहारिक स्रोत या उत्पादन तकनीक नहीं मिली है।
3. समय विरोधाभास (Time Paradoxes)
- अगर वॉर्महोल के माध्यम से समय यात्रा संभव हुई, तो यह भूतकाल और वर्तमान दोनों के लिए विरोधाभास पैदा करेगा।
- उदाहरण के लिए, यदि कोई व्यक्ति अतीत में जाकर घटनाओं को बदल दे, तो वर्तमान का अस्तित्व ही खतरे में पड़ सकता है।
- इसे ही Grandfather Paradox जैसे समय विरोधाभास कहा जाता है।
👉 इन चुनौतियों की वजह से वॉर्महोल अभी तक सिर्फ सैद्धांतिक अवधारणा हैं, जिनका व्यावहारिक अस्तित्व साबित नहीं हो पाया है।
🧭 वॉर्महोल और अंतरिक्ष अन्वेषण का भविष्य
वॉर्महोल आज केवल एक सैद्धांतिक अवधारणा हैं, लेकिन यदि कभी इन्हें स्थिर बनाने का तरीका खोज लिया गया, तो यह मानव सभ्यता के लिए अंतरिक्ष यात्रा में क्रांति ला सकता है।
🔹 संभावनाएँ
- वॉर्महोल के जरिये हम लाखों प्रकाश वर्ष की दूरी कुछ ही समय में तय कर सकते हैं।
- यह इंटरस्टेलर मिशन (Interstellar Missions) को संभव बनाएगा।
- भविष्य में अन्य आकाशगंगाओं तक पहुँचकर नई सभ्यताओं और रहने योग्य ग्रहों की खोज आसान हो सकती है।
🔹 वैज्ञानिक चुनौतियाँ
- एक्सोटिक मैटर की उपलब्धता सबसे बड़ी बाधा है।
- वॉर्महोल की स्थिरता और सुरक्षा का सवाल अभी अनसुलझा है।
- समय विरोधाभास और क्वांटम स्तर की जटिलताएँ भी हल करनी होंगी।
🔹 प्रेरणादायक दृष्टिकोण
इतिहास गवाह है कि जो चीजें कभी असंभव लगती थीं — जैसे उड़ान भरना, चाँद पर पहुँचना या अंतरिक्ष में सैटेलाइट भेजना — वे आज वास्तविकता हैं।
इसी तरह, वॉर्महोल भी आज कल्पना लगते हैं, लेकिन भविष्य में यह मानव सभ्यता को तारों तक पहुँचाने का साधन बन सकते हैं।
👉 यानी, वॉर्महोल भले ही आज एक रहस्य हों, लेकिन यह रहस्य ही आने वाले वैज्ञानिकों को प्रेरित करेगा कि वे ब्रह्मांड के अनदेखे द्वार खोल सकें।
🛰️ नासा, ESA और ISRO की भूमिका
आज दुनिया की प्रमुख अंतरिक्ष एजेंसियाँ जैसे नासा (NASA), यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ESA) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) वॉर्महोल, ब्लैक होल और क्वांटम गुरुत्वाकर्षण जैसे सिद्धांतों को लेकर गहन अनुसंधान कर रही हैं।
- नासा अपने डीप स्पेस मिशन और सैद्धांतिक मॉडलों के जरिये वॉर्महोल जैसी अवधारणाओं का गणितीय अध्ययन कर रहा है।
- ESA, ब्लैक होल और गुरुत्वाकर्षण तरंगों पर केंद्रित शोध के जरिये वॉर्महोल सिद्धांत को समझने की कोशिश कर रहा है।
- ISRO, यद्यपि फिलहाल व्यावहारिक उपग्रह मिशनों पर अधिक ध्यान दे रहा है, लेकिन भविष्य में ब्रह्मांड की संरचना और अंतरिक्ष भौतिकी में गहरे प्रयोग कर सकता है।
👉 इन संस्थाओं का शोध यह संकेत देता है कि वॉर्महोल जैसे रहस्य केवल कल्पना नहीं, बल्कि आने वाले समय में अंतरिक्ष अन्वेषण का भविष्य हो सकते हैं।
🌌 निष्कर्ष
वॉर्महोल और समय यात्रा की अवधारणाएँ भले ही आज केवल सैद्धांतिक हों, लेकिन ये हमारी मानव जिज्ञासा, कल्पना और विज्ञान की सीमाओं को लगातार चुनौती देती हैं। वैज्ञानिक इन पर शोध कर रहे हैं, और हो सकता है आने वाले दशकों में हमें ऐसे परिणाम मिलें जो आज केवल साइंस-फिक्शन लगते हैं।
👉 अगर हम इन रहस्यों को हल कर पाए, तो शायद एक दिन हम न केवल ब्रह्मांड के दूरस्थ हिस्सों तक पहुँचेंगे, बल्कि समय की सीमाओं को भी पार कर सकेंगे।
🧭 तब तक, हमें चाहिए कि हम अपने ज्ञान, शोध और कल्पनाओं को उड़ान दें और ब्रह्मांड की अनंत संभावनाओं की ओर बढ़ते रहें। यही खोज और जिज्ञासा मानव सभ्यता को भविष्य की नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
वॉर्महोल क्या होता है?
वॉर्महोल एक सैद्धांतिक “स्पेस-टाइम टनल” है, जो ब्रह्मांड के दो दूरस्थ बिंदुओं को आपस में जोड़ सकती है। इसे आप “शॉर्टकट” की तरह समझ सकते हैं।
क्या वॉर्महोल वास्तव में मौजूद हैं?
अब तक वॉर्महोल के अस्तित्व का कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं मिला है। यह आइंस्टीन के समीकरणों से निकला एक गणितीय समाधान है, जिस पर वैज्ञानिक शोध कर रहे हैं।
क्या वॉर्महोल से समय यात्रा संभव है?
सिद्धांत रूप में वॉर्महोल समय यात्रा की संभावना दिखाते हैं, लेकिन व्यावहारिक रूप से इसके लिए हमें “exotic matter” जैसी ऐसी ऊर्जा चाहिए, जो अभी तक खोजी नहीं गई है।
वॉर्महोल और ब्लैक होल में क्या अंतर है?
ब्लैक होल एक ऐसा खगोलीय पिंड है जिसकी गुरुत्वाकर्षण शक्ति इतनी ज़्यादा होती है कि प्रकाश भी उससे बाहर नहीं निकल पाता। जबकि वॉर्महोल को एक “टनल” की तरह माना जाता है, जो दो स्थानों को जोड़ सकती है। ब्लैक होल वास्तविक खगोल भौतिक वस्तुएं हैं, पर वॉर्महोल अभी केवल सैद्धांतिक अवधारणा है।
क्या वॉर्महोल को कृत्रिम रूप से बनाया जा सकता है?
अभी की तकनीक से वॉर्महोल बनाना असंभव है, क्योंकि इसके लिए नकारात्मक ऊर्जा या “Exotic Matter” की ज़रूरत होगी। अगर भविष्य में यह ऊर्जा नियंत्रित हो गई तो इंसान कृत्रिम वॉर्महोल बना सकता है।
क्या वॉर्महोल का उपयोग भविष्य की अंतरिक्ष यात्रा में किया जाएगा?
वैज्ञानिक मानते हैं कि अगर वॉर्महोल स्थिर और सुरक्षित पाए जाते हैं, तो ये इंटरस्टेलर यात्रा के लिए सबसे बड़ा साधन बन सकते हैं। यह हमें आकाशगंगाओं तक पहुँचने का शॉर्टकट दे सकता है।



